What is intermittent fasting in Hindi | इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है

What is intermittent fasting in Hindi | इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है

What is intermittent fasting in Hindi
 आज हम बात करेंगे what is intermittent fasting in hindi | इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है के बारे में, intermittent fasting का कोई संस्कृत शब्द नहीं है लेकिन अगर हम इसे आसान भाषा में समझना चाहे तो हम इसे कह सकते हैं ‘रुक रुक के उपवास करना’ ।हम कोई भी काम अगर रुक रुक के करते हैं तो उसे intermittent work कहा जाता है और अगर इससे diet में include करते हैं तो intermittent fasting हो जाता है example के लिए हम देख सकते हैं अगर हम running या jogging करते हैं break ले ले कर तो उससे intermittent running या intermittent jogging कहा जाता है उसी तरह खाने में हम अगर बहुत लंबी समय तक break लेते हैं तो उससे कहा जाता है intermittent fasting जो सदियों से चला आ रहा है। हमारे पूर्वज इस तरह की diet हमेशा से लेते रहे हैं और ayurvedic diet Pattern intermittent fasting से बहुत ज्यादा मिलता जुलता है इसलिए यह modern science  कि देन ना कहकर Ayurveda की देन कहा जाए तो यह 100% सही होगा।
              Ayurveda एक बहुत ही कारगर तरीका है अपने आप को healthy और happy बनाने का और भारत के साथ साथ western country भी इसका फायदा उठा रहे हैं और Ayurveda के तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं इसीलिए आप भी Ayurveda को follow करें और अपनी life को easy और healthy बनाएं और खुश रहें।

              अब जानते है intermittent fasting कितने तरीको का होता है और इसे कैसे apply कर सकते हैं अपने जीवन में।

Internal fasting types

Intermittent fasting types

 

1) The 16/8 method
2) The 5:2 diet
3) Eat Stop Eat
4) Alternate Day Fasting
5) The Warrior Diet
6) Spontaneous meal skipping

             ये 6 types के  intermittent fasting होते है लेकिन आज हम सिर्फ एक ही The 16/8 method के बारे में बात करेंगे और ये सबसे effective fasting method है।

The 16/8 method

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The 16/8 method

 

Intermittent fasting एक बहुत अच्छा तरीका है अपने body को fit करना का और unwanted stores fat body से remove करने का। Intermittent fasting आपको starting में थोड़ी मुश्किल लग सकती है लेकिन कुछ दिनों बाद आप भी आराम से इसे follow कर पाएंगे और इसे आसान करने के कुछ तरीके भी होते हैं और वह आज हम आपको बताएंगे जब आप पहले दिन इंटर मीटर फास्टिंग करेंगे तो आप 16/8 method ना अपमाकर, 12/12 method follow करेंगे। इसमें सारे method को आपको 1 सप्ताह follow करना है फिर दूसरे सप्ताह से 14/10 method follow करना है और तीसरे सप्ताह से आप 16/8 method follow कर पाएंगे।
                सबसे पहले आपको देखना है कि आप 16/8 method follow कर पा रहे है या नहीं। बहुत लोग इसे कर लेंगे लेकिन बहुत लोगो को थोड़ी problem होगी इसीलिए जिन को follow करने में थोड़ी problem हो रही होगी तो वह यह technique अपना सकते हैं पहले 12/12 दूसरा 14/10 और आखरी 16/8।
                 यह method बहुत लंबे समय तक follow कर सकते हैं और इससे आप healthy भी बताएंगे लेकिन आपको हम suggestion देंगे कि यह आप 3 महीने से ज्यादा follow ना करें क्योंकि हमारे body बहुत ज्यादा चालाक होता है जो हर चीज को बहुत जल्दी सीख लेता है और 3 महीने बाद आपके body का body plateau hit हो जाता है इसीलिए 3 महीने बाद आपको नया plan switch करना चाहिए और फिर कुछ दिनों बाद इसका फायदा फिर से उठा सकते हैं तो इससे आपको body confuse होगा और इससे आपको benefits बहुत सारे मिलेंगे।

Benefits of intermittent fasting

Benefits of intermittent fasting

 

            Internet fasting एक बहुत ही अच्छा technique है अपने body fat को कम करने का आप dieting करके body weight तो कम कर सकते हैं लेकिन body fat कम करना बहुत मुश्किल होता है लेकिन Internet fasting को सही तरीके से करके आप बहुत ज्यादा फायदा उठा सकते हैं और अपना बहुत ज्यादा fat भी कम कर सकते हैं और healthy बन सकते हैं।
            Intermittent fasting से सिर्फ fat कम होता है ऐसा नहीं है इससे आपकी immunity भी बहुत अच्छी होती है आपके cardiovascular health भी बढ़ती है आपका muscle mass भी बढ़ता है और overall आप health रहते हैं

Internet fasting diet plan

Intermittent fasting diet plan

 

           Intermittent fasting diet plan शुरू करने से पहले आप एक बात ध्यान रखिए इसमें आपको आपका body insulin कम रखना पड़ता है और अगर आपका insulin कम रहेगा तो आपका fat burn बहुत जल्दी होगा इसीलिए insulin कम रखने के लिए आपको कुछ चीजें खानी छोड़नी पड़ती है जैसे कि sugar, process food, junk food, deep fried food और white flower इत्यादि
          सुबह उठने के साथ-साथ आपको एक केला खाना चाहिए। केले से आपका पेट साफ हो जाता है इससे अच्छी खासी energy भी मिलती है Ayurveda में केले को बहुत ज्यादा महत्व दिया गया है किला एक बहुत न्यूट्रीशनिस् फल है और इसे आपको अपने diet में जरूर शामिल करना चाहिए।
           1st meal जैसा आपका होना चाहिए seasonal fruits, complex carbohydrate, healthy fats और protein जैसे कि फलों में (mango, orange, watermelon), carbohydrate में (oats daliya roti), healthy fats में (peanut butter, almonds, egg yolk, walnuts) और प्रोटीन में (egg white, whey protein, plant protein, milk)
           2nd meal आपको खाना है जो balence meal  होना चाहिए balence meal का मतलब जिसमें protien, healthy fat, complex carbohydrate, vitamins and minerals सब कुछ होना चाहिए। जैसे की:- vegetarian दो रोटी या 100 gram चावल, एक कटोरी दाल, 250gram हरी कच्छी सब्जियां (टमाटर, खीरा, पत्ता गोभी, गाजर, बीट रूट) और एक कटोरी दही। Non vegetarian दो रोटी या 100 gram चावल, 125gram roasted chicken और 250gram हरी कच्छी सब्जियां (टमाटर, खीरा, पत्ता गोभी, गाजर, बीट रूट) इत्यादि।
                आपको यह regular खाना है जरूरी नहीं है आप एक example ले सकते हैं और इसे हर रोज change कर कर के खा सकते हैं vegetarian लोग दाल की जगह sprouts ले सकते हैं या फिर soya chunks ले सकते हैं या फिर पर यही ले सकते हैं और Non vegetarian लोग किसी दिन chicken किसी दिन egg किसी दिन fish या फिर किसी दिन mutton भी ले सकते हैं। यह आपके ऊपर है आप Non vegetarian खाते हैं या vegetarian खाते हैं लेकिन हम आपको यही suggestion देंगे कि आप अपनी body को vegetarian खाने से ही healthy बनाएं क्योंकि Non vegetarian खाने में बहुत ज्यादा मात्रा में oestrogen होता है जो आपके hormone को सही तरीके से काम करने नहीं देता और आप अपने fitness goal में थोड़ा slow हो जाते हैं और हम लोगों को bodybuilding type physics नहीं चाहिए होता है ज्यादातर लोग healthy रहने और lean body बनाने के लिए ही dieting करते हैं और यह आपकी vegetarian foods से अच्छी तरीके से पूरी हो जाती है लेकिन यह आपके ऊपर depend करता है आप क्या खाना चाहते हैं।
            3rd meal भी 2nd meal जैसा ही होगा बस इसमें vegetarian एक कटोरी दही के जगह एक गलस दूध लेंगे और Non vegetarian लोग एक गलस दूध extra लेंगे। एक बात याद रखें यह एक example है लेकिन सबसे पहले आपको अपने maintenance calorie निकालनी पड़ेगी और उसके बाद आप अपने maintenance calorie के अनुसार अपने food की quantity calculate करके diet ले सकते हैं।
              कुछ ही दिनों में हम आपको 100% exact correct maintenance calorie निकालना दिखाएंगे अपने इस blog में. अगर आपको अपनी maintenance calorie निकालनी है without calorie calculator के बिना, तो हमें follow करना ना भूलें।

              अब आपको rough idea मिल गया है what is intermittent fasting in hindi | इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है और इससे जुड़े बहुत सारी बातों का, आपके पास कोई भी सवाल हो intermittent fasting से जोड़ी तो हमें comment में पूछ सकते हैं और subscribe and follow करना ना भूलें।
                                                               Thank you
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